दर्द ना पढ़ पाओगे, मेरे चेहरे से कभी
मेरी तो आदत है, तेरी बात पे मुस्काने की…
तेरी हर बात
Comments
10 responses to “तेरी हर बात”
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बहुतभी जबरदस्त
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बहुत बहुत धन्यवाद पीयूष जी 🙏
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Bahut khoob
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बहुत…. बहुत सारा धन्यवाद , ईशा जी
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सुंदर
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सादर धन्यवाद भाई जी 🙏
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वाह वाह, क्या बात है। बहुत ही सुंदर और लाजवाब पंक्तियाँ
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आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी🙏
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वाह वाह, बहुत खूब
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आभार मैम , आपका हार्दिक धन्यवाद 🙏
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