थकान

●थकान
 ̄ ̄ ̄ ̄
किसान के पास
फ़सल की बोरियां भरते वक्त
बोरियां भर थकान भी होती है….

लेकिन
वह नहीं भरता
थकान की बोरियां….

क्योंकि-
वह जानता है थकान खरीद सके
उतना दम नहीं फ़सल खरीदने वालों में…!

(रमेश धोरावत)
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Comments

6 responses to “थकान”

  1. बहुत ही बेहतरीन

  2. बहुत बढ़िया

  3. Anu Singla

    बिलकुल सही बहुत सुन्दर

  4. Geeta kumari

    अन्नदाता किसान पर बहुत सुंदर पंक्तियां

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