Author: Ramesh dhorawat

  • थकान

    ●थकान
     ̄ ̄ ̄ ̄
    किसान के पास
    फ़सल की बोरियां भरते वक्त
    बोरियां भर थकान भी होती है….

    लेकिन
    वह नहीं भरता
    थकान की बोरियां….

    क्योंकि-
    वह जानता है थकान खरीद सके
    उतना दम नहीं फ़सल खरीदने वालों में…!

    (रमेश धोरावत)
    •••••••••••••••

New Report

Close