थोड़ा काजल, बहुत ही रमता है

अपनी आँखों में लगाकर रखिये
थोड़ा काजल, बहुत ही रमता है,
हम भी पहचान लेंगे रस्ते में
मुँह में तो मास्क बंधा रहता है।
जो भी शॉपिंग करोगे सब की सब
एक थैले में भर के रख देना,
लादकर पीठ में पंहुचा देंगे
आप बस एक बार कह देना।

Comments

4 responses to “थोड़ा काजल, बहुत ही रमता है”

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

  2. वाह बहुत खूब
    ऐसा भी सोंचना चाहिए

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