“दिल का देवता”

यूं देखकर भी क्यों
अनजान बनते हो

देवता हो दिल के
क्यों हैवान बनते हो

मैं जानती हूँ तुम क्या हो
क्यूं सबके सामने महान बनते हो..

Comments

4 responses to ““दिल का देवता””

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

  2. Praduman Amit

    Wah kaya baat hai

Leave a Reply

New Report

Close