दिल की बस्ती का बाशिंदा हूँ

करना है तो पूरी तरह करना

दिल की बस्ती का बाशिंदा हूँ

कुछ भी ना तुम ऐसा करना

के प्यार हमारा ना शर्मिंदा हो

 

                  …… यूई 

Comments

2 responses to “दिल की बस्ती का बाशिंदा हूँ”

  1. ह्रदयस्पर्शी वर्णन किया है आपने।।

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