6 Comments

  1. आपसे नज़ारे मिलाने को वो तो कब से तैयार बैठे है,,
    जाकर चुरा क्यों नहीं लेन उन्हें ,वो तो आपके होने को कबसे बेक़रार बैठे है।।।।

    1. Wahhh…bahut khoob..
      इतने करीब आकर कोई सदा (आवाज) दे गया मुझे ,
      मैं बुझ रहा था कोई हवा दे गया मुझे।।

Leave a Reply