Pankaj Garg, Author at Saavan's Posts

देख परिंदे हमने तेरा गुरुर तोड़ दिया मुख़ालिफतों के तूफ़ान में भी हमने अपने सपनों को उड़ान दी है …….. »

छोड़ दिया हमने सदायें देना तितलियों को , हमने फूल से सीखा है हुनर आशिक़ी का… »

साँसें अपनी रोक कर तुझे छूने की तमन्ना, और हल्का सा छू कर ख़ुशी ख़ुशी वापस लौट आना जैसे की सारा जहाँ जीत लिया हो,     इसी को कबड्डी कहते है…..?? कभी कभी खेल कूद भी लिया करो, मोहब्बत के मरीजों…………?? »

चुभे जो तेरे शब्द तीर….

गला भरा है , दिल जला है, आँखों का सागर भरा है चुभे जो तेेरे शब्द तीर , दिल का जख्म अब तक हरा है ।। मान के बैठा तुझे मैं, दोस्ती का नाम दूजा, मित्रता के इस मंदिर में मैने की थी तेरी ही पूजा धूप में तेरी छाँव बना तो, काँटों में तेरा पाँव बना महकाई बस्ती गुलाबों की , पर आज तेरे अल्फाजों का घाव बना पराया हूँ तेरे लिए , सुन यार तेरा सौ बार मरा है चुभे जो तेरे…… सुना लगा बैठी तू दिल किसी से,... »

कम आंकी

मेरी बातों में बस तुम थी , मगर मेरी बात कम आंकी तेरे यारों के कुनबे में , मेरी जात कम आंकी अपने अल्फाजों से मुझे दो पल में पराया करने वाले तूने प्यार के आगे मेरी औक़ात कम आंकी ।। »

उसका दर्द

तेरी हर एक धड़कन पे उसी का नाम लिखा है जो उसने नहीं देखा वही अब हमने देखा है तेरे ख्वाबों में दो पल को जो हमने भी घर डाला तेरे ख्वाबों में भी उसी का इन्तजार देखा है ।   तेरी भोली सी मुस्कानें मुझे तेरे पास ले आयी मगर मुस्कान के पीछे , बदली दर्द की छायी अब इक हारे हुए दिल पर करूँ अधिकार मैं कैसे मोहब्बत क्या तुझे मेरी दोस्ती भी रास ना आयी । #पंकज#   »

तुझ बिन बात नहीं होती

भरी हो हुस्न से महफ़िल , तुझ बिन बात नहीं होती गरजते हो घने बादल , मगर बरसात नहीं होती रचायी ना हो मेहँदी तो , दुल्हन खास नहीं होती सितारे व्यर्थ ही चमके यूँ ही जगमग मगर सुन ले, जब तक चाँद ना निकले , कहीं पर रात नहीं होती ।। »

कहना चाहता हूँ

ले लेती है रूप कविता , जब अक्षर दुल्हन बन जाते है गीत गजल तो दिल की बातें जुबां पर ले आते है आँखों से ना बहाओ पानी , सब कायर कह जाते है बह निकले ये लबों के रस्ते , तब शायर बन जाते हैं तो मैं भी इन शब्दों के मेले में झूलना चाहता हूँ अल्फाजों के मोती से माला पिरोना चाहता हूँ लो चल पड़ा मैं भी कहने जो मैं कहना चाहता हूँ || #पंकज# »

दुपट्टा

घूमती अच्छी लगती है ये जुल्फों में, उँगलियाँ  यूँ ना हमपे उठाया करो, संभल जायेंगे दिल हमारे खुद ब खुद, तुम तो अपना दुपट्टा ही संभाल लिया करो »

मुसाफिर (Plzz complete)

चला जा रहा हूँ , दूर बनके मुसाफिर करके हौंसले मजबूत , आँखों को किये काफिर . कैसा है ये सफर , जहाँ मंजिल का भी पता नहीं , कहाँ चला जा रहा हूँ मैं , मुझको भी खबर नहीं , फिर भी ……………………………   friends , Plzz complete this poem. Show your creativity , your emotions…. »

Civil engineer

Being a civil engineer,for all civil engineers…hahahaha.. गुजारी है ज़िन्दगी मैंने , सीमेंट और रेत मिलाने में कैसे भला कोई इश्क़ करे, हम मजदूरों के घराने में अब खुद के सपनों का घर बसाने की हम क्या सोचें उम्र कट रही है पूरी, दूसरों का मकाँ बनाने में Only for fun…?? »

इश्कबाज

इश्कबाज पसंद है मुझे, चाहे इश्क़ में ना पड़ा हूँ कभी, अल्फाज बह जाते है आशिकी देखकर चाहे आशिक़ ना बना हूँ कभी #पंकज »

तुमको ही आता है….

भ्रमर कितना ही फैलाएं पर, उड़ना तो बस तितलियों को आता है चुप रहकर भी सब कुछ कहना, इनकी कत्थई अँखियों को आता है और नादान थे, नादान ही रहेंगे लड़के, जवान होना तो बस लड़कियों को आता है   »

मौसम

चल रही है ठंडी हवाएं ,आँखों से बादल बरसेगा रात के आगोश में . मेरा मेहताब पिघलेगा मुद्दतों बाद फेंका है एक नजर का टुकड़ा उसने पतझड़ के मौसम में भी , अब तो गुलशन महकेगा @पंकज गर्ग »

दुल्हन की डोली

सहम गया है चाँद भी देखो, उतरी जब दुल्हन की डोली रे मन को भायी जैसे बजायी कहीं मोहन ने मुरली रे बहके हैं सब देखो जैसे , पूरी मधुशाला पी ली रे कैसे संभालेगा खूद को वो , जिसकी अब तू हो ली रे »

दुल्हन की डोली

सहम गया है चाँद भी देखो, जब उतरी की डोली रे मन को भायी जैसे बजायी कहीं मोहन ने मुरली रे बहके हैं देखो सब जैसे , पूरी मधुशाला पी ली रे कैसे संभालेगा खुद को वो,जिसकी अब तू हो ली रे »

शायरी

किसी के इश्क़ में जगती है तू तेरे नैन कहते हैं किसी ने कुछ नहीं समझा मगर तुझे हम समझते हैं यहाँ सब लोग कहते हैं कि तू चंदा सी रोशन है मगर चंदा की बैचेनी सितारे कब समझते हैं ।। »

शायरी

जो मेरा हो नहीं पाया , मैं उसको याद करता हूँ , फिर उसको भुलाने की भी मैं फ़रियाद करता हूँ भुलाने के उसे मैं सौ बहाने ढूंढ लूँ चाहे उसी का जिक्र सबसे मैं उसी के बाद करता हूँ । »

शायरी

खुद से दूर क्यूँ तुम हो , बड़े मगरूर क्यूँ तुम हो जो तेरा है नहीं उसके ,  नशे में चूर क्यूँ तुम हो तेरी मायूसी दिखती है , घनी रातों के साये में यूँ ही तकिये भिगोने पे , बड़े मजबूर क्यूँ तुम हो । @पंकज गर्ग     »

शहीदी

कुछ मेरी औकात नहीं , कि तुझ पर कलाम चलाऊं मैं कुर्बानी तेरी करे बयां , वो शब्द कहाँ से लाऊं मैं नाम तेरा लेने से पहले पलकों को झपकाउं मैं भूल गए जिन पन्नो को हर्फ़ों से आज सजाऊँ मैं जब भारत माँ का आँचल लगा चीर-चीर होने गोरे बसने आये जैसे नागिन आयी हो डसने जब भारत का सूरज भी त्राहिमाम चीखा था तब खटकड़ में एक सिंहनी की कोख से सूरज चमका था भारत माँ बोली कि मैं गद्दारों पर शर्मिंदा हूँ चीख पड़ा सरदार माँ... »

शहीद

कुछ मेरी औकात नहीं , कि तुझ पर कलाम चलाऊं मैं कुर्बानी तेरी करे बयां , वो शब्द कहाँ से लाऊं मैं नाम तेरा लेने से पहले पलकों को झपकाउं मैं भूल गए जिन पन्नो को हर्फ़ों से आज सजाऊँ मैं जब भारत माँ का आँचल लगा चीर-चीर होने गोरे बसने आये जैसे नागिन आयी हो डसने जब भारत का सूरज भी त्राहिमाम चीखा था तब खटकड़ में एक सिंहनी की कोख से सूरज चमका था भारत माँ बोली कि मैं गद्दारों पर शर्मिंदा हूँ चीख पड़ा सरदार माँ... »

इंतज़ार

सूरज भी ढल गया आँचल में , उठ गया घूंघट भी चाँद का कब आओगी ए जाने जिगर , टूट रहा है सब्र इन्तजार का बरस रहे है बादल आँखों से , इंतज़ार है इंतज़ार ख़त्म होने का कब आओगी ए जाने जिगर , टूट रहा है सब्र इन्तजार का   वादा किया था एक रोज तूने , सनम तुमसे मिलूँगी गोद में रखकर सर तेरे दिल के पार उतर जाऊंगी तोड़ ना देना वादा मिलन का ,बाहें फैलाये बैठा हूँ आँखों में उम्मीद की शमां जलाये बैठा हूँ कर लो शिरकत ... »

मुझसे भी कोई प्यार करे….

नहीं नहीं अब सही ना जाये ये बेरण तन्हाई मुझसे भी कोई प्यार करे करे थोड़ी दिल की लगाई   जहर हो चूका जीवन सारा , रीता कलश है पूरा भर के कोई प्यार का अमृत अमर करे मन मेरा दिन रात गुजर तो जाते है पर जाते नहीं गुजारे हर रात अमावस जैसी लगे प्यार बिना सब अधूरा पल में रूठे पल में माने , करे झूठी मूठी लड़ाई मुझसे भी कोई प्यार करे……….   अपने सपनों की गलियों में कोई मेरा घर भी बना ल... »

हंसी छीन ली

उस हसीं के चेहरे पर बस हंसी देखने की ख्वाहिश थी , तो उसे हंसाने में कोई कसर हमने भी ना छोड़ी हंसाते हंसाते खुद हंसी बन गया मैं , की मेरे दिल की बात भी अब उसे हंसी लगने लगी हंसी हंसी में ही उसने कह डाली अपने दिल की बात , पर उस बात ने मेरी हंसी छीन ली किसी और का नाम लिखा है मेरे दिल पर ये कह के वो सिर्फ मुस्कुराने लगी हँसते हँसते पूछा उसने एक दिन , पंकज तुम अब खिलखिलाते नहीं अब कैसे कह दूं उसे मैं कि... »

use pyar karna nahi ata or mujhe pyar ke siva kuch nahi ata, duniya me jeene ke do hi tarike hai , ek use nahi ata , ek mujhe nahi ata…. »

शायर

आँखों से निकले आंसू , तो दुनिया ने कायर कह डाला , जब बह निकले ये लबों के रस्ते, दुनिया ने शायर कह डाला ।।   »

शपथ तुझे इस योवन की

शपथ तुझे इस योवन की

क्यूं बह रहे अश्रु चक्षु से , तान भृकुटि जन जन की फैला भ्रष्ट मेघों का साया , नहीं आवश्यकता व्यर्थ रुदन की सियासी भेड़िये बने नरभक्षी , जब लाज गिरा दी सिंघासन की हो रही खंड खंड रूह भारती की ,आवाज उठी शोणित के आंदोलन की आव्हान करे तुझे पथ प्रलयंकर , जरुरत रणचंडी के पूजन की अरे हनी सिंह छोड़ अब भगत सिंह गा ,शपथ तुझे इस योवन की ….. पुकारती तुझे पुनः, जो लोलुप हुई संस्कृति क्या सुनी नहीं पदचापें स... »

शपथ तुझे इस योवन की

क्यूं बह रहे अश्रु चक्षु से , तान भृकुटि जन जन की फैला भ्रष्ट मेघों का साया , नहीं आवश्यकता व्यर्थ रुदन की सियासी भेड़िये बने नरभक्षी , जब लाज गिरा दी सिंघासन की हो रही खंड खंड रूह भारती की ,आवाज उठी शोणित के आंदोलन की आव्हान करे तुझे पथ प्रलयंकर , जरुरत रणचंडी के पूजन की अरे हनी सिंह छोड़ अब भगत सिंह गा ,शपथ तुझे इस योवन की ….. पुकारती तुझे पुनः,जो लोलुप हुई संस्कृति क्या सुनी नहीं पदचापें सर... »

चल प्यार ना कर , एक बहाना ही बना ले , टूटा जहाँ से दिल तेरा , उस जख्म की दवा बना ले , कहते है दोस्ती दुनिया में सबसे बढ़कर है , उस रिश्ते से ही सही , मेरे कंधे को अपना सिरहाना बना ले || »

दिल की बात

दिल  का मंदिर वीरान  है , तेरी  तस्वीर  लगा  लूँ , बैठा  रहूँ  बस  सजदे  में  , तुझे  वो  देवता  बनल  लूँ , परवाह  नहीं  मुझे  जग  की  फिर , गर  तेरे दिल  में  जगह  बना लूँ , ढूंढ  ना सके  जमाना  ख्यालों  में  भी  अपने , इस  कदर  तुझे  जहन में  बसा  लूँ  , थोड़ा  तो  ठहर , दस्तक  ना  दे  , खुली  है  खिड़कियां  नकाबपोश  शरीफों  की  , बस  जरा  आँख  लग  जाये  सितारों  की  , मैं  चाँद  को  इशारा  करके  ... »

आशिक़ बना दिया तूने ….

E Hasina kya gajab dha diya tune, is sidhe sadhe insna ko asiq bana diys tune… ankhno m ek khwab sa jaga diya tune, is sidhe sadhe insna ko asiq bana diys tune… na tha me pyar se wakif, na jana kabhi dard dil ka, najrno ka teer chalakar dil p, is dil ko ghayal kar diya tune… na gujra kabhi pyar ki rahno p, na dkha kabhi manjar pyar ka, ankhno m basakar tasvir apni, khud ko manjil... »

बैरन बारिश

बैरन बारिश

Aj Barish fer se beran ban gayi, tanha dil ko fer se mahfil mil gayi, moti gire boondno ke jab balkha ke, kisi anjan chehre ki fer tasveer ban gayi… chupaye rakha armano ko ab tak, band tha dil ka tahkhana, toofan se pahle sannae jesa, dil ka bhi hal tha veerana ghiri ghanghor ghata kali, kesa ye boondno ka itrana, dil ke badal bhi garaj uthe, harkat hui fer bachkana lagi jhadi jab saavan ki... »