देख परिंदे हमने तेरा गुरुर तोड़ दिया मुख़ालिफतों के तूफ़ान में भी हमने अपने सपनों को उड़ान दी है ……..

साँसें अपनी रोक कर तुझे छूने की तमन्ना, और हल्का सा छू कर ख़ुशी ख़ुशी वापस लौट आना जैसे की सारा जहाँ जीत लिया हो,     इसी को कबड्डी कहते है…..?? कभी कभी खेल कूद भी लिया करो, मोहब्बत के मरीजों…………??

गला भरा है , दिल जला है, आँखों का सागर भरा है चुभे जो तेेरे शब्द तीर , दिल का जख्म अब तक हरा है ।। मान के बैठा तुझे मैं, दोस्ती का नाम दूजा, मित्रता के इस मंदिर में मैने की थी तेरी ही पूजा धूप में तेरी छाँव बना तो, काँटों में तेरा पाँव बना महकाई बस्ती गुलाबों की , पर आज तेरे अल्फाजों का घाव बना पराया हूँ तेरे लिए , सुन यार तेरा सौ बार मरा है चुभे जो तेरे…… सुना लगा बैठी तू दिल किसी से,  पर एक बात मुझे सताएगी दोस्ती ही ना निभा पायी, तू प्यार कैसे निभाएगी कमजोर बनाती आशिक़ी पगली , दोस्ती तो दिलों की ताकत है पर मिले गर तुझे प्यार में धोखा , तेरे दोस्त का कन्धा सलामत है देख सैलाब मेरी आँखों का, अब समंदर भी डरा है चुभे जो तेरे….  

मेरी बातों में बस तुम थी , मगर मेरी बात कम आंकी तेरे यारों के कुनबे में , मेरी जात कम आंकी अपने अल्फाजों से मुझे दो पल में पराया करने वाले तूने प्यार के […]

भरी हो हुस्न से महफ़िल , तुझ बिन बात नहीं होती गरजते हो घने बादल , मगर बरसात नहीं होती रचायी ना हो मेहँदी तो , दुल्हन खास नहीं होती सितारे व्यर्थ ही चमके यूँ […]

चला जा रहा हूँ , दूर बनके मुसाफिर करके हौंसले मजबूत , आँखों को किये काफिर . कैसा है ये सफर , जहाँ मंजिल का भी पता नहीं , कहाँ चला जा रहा हूँ मैं […]

Being a civil engineer,for all civil engineers…hahahaha.. गुजारी है ज़िन्दगी मैंने , सीमेंट और रेत मिलाने में कैसे भला कोई इश्क़ करे, हम मजदूरों के घराने में अब खुद के सपनों का घर बसाने की […]

भ्रमर कितना ही फैलाएं पर, उड़ना तो बस तितलियों को आता है चुप रहकर भी सब कुछ कहना, इनकी कत्थई अँखियों को आता है और नादान थे, नादान ही रहेंगे लड़के, जवान होना तो बस […]

चल रही है ठंडी हवाएं ,आँखों से बादल बरसेगा रात के आगोश में . मेरा मेहताब पिघलेगा मुद्दतों बाद फेंका है एक नजर का टुकड़ा उसने पतझड़ के मौसम में भी , अब तो गुलशन […]

सहम गया है चाँद भी देखो, उतरी जब दुल्हन की डोली रे मन को भायी जैसे बजायी कहीं मोहन ने मुरली रे बहके हैं सब देखो जैसे , पूरी मधुशाला पी ली रे कैसे संभालेगा […]

सहम गया है चाँद भी देखो, जब उतरी की डोली रे मन को भायी जैसे बजायी कहीं मोहन ने मुरली रे बहके हैं देखो सब जैसे , पूरी मधुशाला पी ली रे कैसे संभालेगा खुद […]

किसी के इश्क़ में जगती है तू तेरे नैन कहते हैं किसी ने कुछ नहीं समझा मगर तुझे हम समझते हैं यहाँ सब लोग कहते हैं कि तू चंदा सी रोशन है मगर चंदा की […]

जो मेरा हो नहीं पाया , मैं उसको याद करता हूँ , फिर उसको भुलाने की भी मैं फ़रियाद करता हूँ भुलाने के उसे मैं सौ बहाने ढूंढ लूँ चाहे उसी का जिक्र सबसे मैं […]

खुद से दूर क्यूँ तुम हो , बड़े मगरूर क्यूँ तुम हो जो तेरा है नहीं उसके ,  नशे में चूर क्यूँ तुम हो तेरी मायूसी दिखती है , घनी रातों के साये में यूँ […]

कुछ मेरी औकात नहीं , कि तुझ पर कलाम चलाऊं मैं कुर्बानी तेरी करे बयां , वो शब्द कहाँ से लाऊं मैं नाम तेरा लेने से पहले पलकों को झपकाउं मैं भूल गए जिन पन्नो […]

कुछ मेरी औकात नहीं , कि तुझ पर कलाम चलाऊं मैं कुर्बानी तेरी करे बयां , वो शब्द कहाँ से लाऊं मैं नाम तेरा लेने से पहले पलकों को झपकाउं मैं भूल गए जिन पन्नो […]

नहीं नहीं अब सही ना जाये ये बेरण तन्हाई मुझसे भी कोई प्यार करे करे थोड़ी दिल की लगाई   जहर हो चूका जीवन सारा , रीता कलश है पूरा भर के कोई प्यार का […]

उस हसीं के चेहरे पर बस हंसी देखने की ख्वाहिश थी , तो उसे हंसाने में कोई कसर हमने भी ना छोड़ी हंसाते हंसाते खुद हंसी बन गया मैं , की मेरे दिल की बात भी […]

क्यूं बह रहे अश्रु चक्षु से , तान भृकुटि जन जन की फैला भ्रष्ट मेघों का साया , नहीं आवश्यकता व्यर्थ रुदन की सियासी भेड़िये बने नरभक्षी , जब लाज गिरा दी सिंघासन की हो […]

क्यूं बह रहे अश्रु चक्षु से , तान भृकुटि जन जन की फैला भ्रष्ट मेघों का साया , नहीं आवश्यकता व्यर्थ रुदन की सियासी भेड़िये बने नरभक्षी , जब लाज गिरा दी सिंघासन की हो […]

चल प्यार ना कर , एक बहाना ही बना ले , टूटा जहाँ से दिल तेरा , उस जख्म की दवा बना ले , कहते है दोस्ती दुनिया में सबसे बढ़कर है , उस रिश्ते […]

दिल  का मंदिर वीरान  है , तेरी  तस्वीर  लगा  लूँ , बैठा  रहूँ  बस  सजदे  में  , तुझे  वो  देवता  बनल  लूँ , परवाह  नहीं  मुझे  जग  की  फिर , गर  तेरे दिल  में  जगह  […]