अल्फ़ाज यूँ ही गज़ल नहीं बना करते,
दिल के छाले भी लफ्जों में बयां करने पड़ते हैं।
दिल के छाले
Comments
11 responses to “दिल के छाले”
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बहुत बढिया लिखा है आपने
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थैंक्स
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Wah 👏👏
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थैंक्स
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Nice
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धन्यवाद
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Awesome
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थैंक्स
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Nyc
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धन्यवाद
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बहुत उम्दा
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