कोई आ ना जाए
दिल में मेरे रहने को
यही सोंचकर
दिल के दरवाजे बंद रखती हूँ।
एक बार खा चुकी हूँ पहले
प्यार में धोखा
इसलिए छाछ भी मैं फूंक-फूंक पीती हूँ।
दिल के दरवाजे
Comments
5 responses to “दिल के दरवाजे”
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अतिसुंदर
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सुंदर पंक्तियां
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सुन्दर भावाभिव्यक्ति
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क्या बात है, बहुत खूब
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Beautifully expressed
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