दिल के दरवाजे

कोई आ ना जाए
दिल में मेरे रहने को
यही सोंचकर
दिल के दरवाजे बंद रखती हूँ।
एक बार खा चुकी हूँ पहले
प्यार में धोखा
इसलिए छाछ भी मैं फूंक-फूंक पीती हूँ।

Comments

5 responses to “दिल के दरवाजे”

  1. सुंदर पंक्तियां

  2. सुन्दर भावाभिव्यक्ति

  3. Virendra sen Avatar
    Virendra sen

    क्या बात है, बहुत खूब

  4. Geeta kumari

    Beautifully expressed

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