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  1. बहुत सुंदर कविता है और उससे भी सुंदर कविता के भाव हैं । करो कितनी भी कोशिश, में आनुप्रासिक छटा भी विद्यमान है और कलम को सलाम है । काबिले तारीफ़ रचना ।

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