दिव्य

फ़रेबी से पूछो फ़रेब के सुत्र।
बहुत दिव्य है ए मूल मंत्र।।

Comments

6 responses to “दिव्य”

  1. Panna Avatar

    माफ़ कीजिये, लेकिन कविता के मापदंडो पर खरी नहीं उतरती

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