दुपट्टा

घूमती अच्छी लगती है ये जुल्फों में, उँगलियाँ  यूँ ना हमपे उठाया करो,

संभल जायेंगे दिल हमारे खुद ब खुद, तुम तो अपना दुपट्टा ही संभाल लिया करो

Comments

2 responses to “दुपट्टा”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Abhishek kumar

    Nice

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