दोस्ती के नाम

सुमन सी सुगंधि रहे,
जीवन में तुम्हारी
कांटा भी ना आए कभी
राह में तुम्हारी
आया तो शामिल होगी
मेरी भी आह..
हर आह में तुम्हारी
मैं तुम्हारी ज़िन्दगी में,
कल रहूं, ना रहूं
दोस्ती तो रहेगी
दोस्ती सच्ची थी हमारी
रूह से रूह तक का
था वो सफर
हमीं को हमारी
लगी थी नज़र
कब हुआ सब ये हुई ना ख़बर
ज़ुबां चुप रही,
आंखें मगर सब राज़
कह गई तुम्हारी
मन की बात कह ही गई
आज लेखनी हमारी
कांटा भी ना आए कभी
राह में तुम्हारी..
आया तो शामिल होगी
मेरी भी आह हर आह में तुम्हारी…
_____✍️गीता

Comments

9 responses to “दोस्ती के नाम”

  1. बेहद खूबसूरत
    दोस्ती पर कविता

    1. Geeta kumari

      समीक्षा हेतु हार्दिक धन्यवाद प्रज्ञा जी

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद वसुंधरा जी। बहुत दिनों बाद आई हो

    2. आती रहा करो मैम

  2. अतिसुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      सराहना के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏

    1. Geeta kumari

      Thank You Sandeep ji.

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