अब के बरस भी होली पर,
दो गज़ दूरी मास्क जरूरी
होलिका दहन है लेकिन,
जत्था नहीं लगाना है,
झुंड नहीं बनाना है,
कोरोना से दूर ही रहना,
वरना पड़ जाएगा सहना
इसीलिए मानो यह कहना l
दो गज़ दूरी मास्क जरूरी॥
_____✍गीता
दो गज़ दूरी मास्क जरूरी
Comments
13 responses to “दो गज़ दूरी मास्क जरूरी”
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बहुत सुंदर अध्यादेश
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सादर आभार भाई जी🙏 सादर प्रणाम🙏
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बहुत सुन्दर कविता
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बहुत-बहुत धन्यवाद पीयूष जी
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बहुत सुंदर रचना
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बहुत-बहुत धन्यवाद सर
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अब के बरस भी होली पर,
दो गज़ दूरी मास्क जरूरी
होलिका दहन है लेकिन,
जत्था नहीं लगाना है,
——- कवि गीता जी की बहुत सुन्दर रचना। भाषा व शिल्प का सुन्दर समन्वय-
उत्साहवर्धक समीक्षा हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी, प्रोत्साहन हेतु आभार
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बहुत खूब अति उत्तम
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हार्दिक धन्यवाद चंद्रा जी
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बिल्कुल सही कहा आपने
जिस प्रकार से कोरोना बढ़ रहा है
उस
परिप्रेक्ष्य में आपकी रचना बहुत अच्छी है
और सतर्कता बहुत जरूरी है।।
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बहुत ही सुंदर व उच्च स्तरीय लेखन होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आपके पूरे परिवार को।।-
thank you and same to you
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Tq
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