धड़कन बेताब होती है

तुम्हारी बातें मुझको
बहुत याद आती हैं
जब भी याद आती हैं
दिल के तार छेंड़ जाती हैं
जब कभी तुम
दिल की गलियों से गुजर जाते हो
सच कहूं तो रात दिन याद आते हो
दिल में चुभन,
रूह में बेचैनी होती है
दूर होकर तुझसे ये
धड़कन बेताब होती है।।

Comments

4 responses to “धड़कन बेताब होती है”

  1. बस। इसी को हम तड़प कहते है। 

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद आपका इतनी सुंदर समीक्षा हेतु

    1. धन्यवाद 

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