धन्वन्तरि जी को प्रणाम

जिन्होंने दूर अनेकों रोग किये
औषधियों पर कितने शोध किये
उन धन्वन्तरि को नमन करती है प्रज्ञा
जिन्होंने लाखों तन नीरोग किये..

Comments

12 responses to “धन्वन्तरि जी को प्रणाम”

  1. वैद्य,चिकित्सकों के सम्मान में कवयित्री प्रज्ञा जी की ओर से बहुत सुन्दर पंक्तियां

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