धोखा ही धोखा

यहाँ धोखा वहाँ धोखा, चारो तरफ धोखा ही धोखा है।
कैसे कोई इश्क़ करे इसलिए हमने फैसला बदल दिया है।।

Comments

6 responses to “धोखा ही धोखा”

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

  2. सुन्दर अभिव्यक्ति

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