कहते दुश्मन कान के, जग आवांछित शोर
जोर जोर से होत है, सुनिए चारो ओर
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सोना औ सुनना हुआ बड़ा कठिन अब काम
वाहन और मशीन की ध्वनि को नहीं आराम
ध्वनि प्रदूषण
Comments
2 responses to “ध्वनि प्रदूषण”
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Dhvni Pradushan par likhi umda panktiyan
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बहुत सुंदर रचना
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