ध्वनि प्रदूषण

कहते दुश्मन कान के, जग आवांछित शोर
जोर जोर से होत है, सुनिए चारो ओर
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सोना औ सुनना हुआ बड़ा कठिन अब काम
वाहन और मशीन की ध्वनि को नहीं आराम

Comments

2 responses to “ध्वनि प्रदूषण”

  1. Dhvni Pradushan par likhi umda panktiyan

  2. Satish Chandra Pandey

    बहुत सुंदर रचना

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