माताओं ने लाल खो दिए
बहनों ने फिर भाई,
घर में छुपे दुश्मनों से
कैसे जीतोगे लड़ाई?
नक्सलियों के हमले से
धरती लाल हो जाती है,
फिर किसी घर मे कोई
ज्योति बुझ जाती है
नक्सलियों पर कार्रवाई हो
तो अधिकार हनन हो जाता है
शहीद जवान हो जाएं
तब बुद्धिजीवी समाज सो जाता है
ऐसे गद्दारों को मारो
क्यों प्रहार ना करना
जब उनकी निष्ठा खंडित है
तो क्यों बचाव करना …..
नक्सलियों से कैसी हमदर्दी
Comments
6 responses to “नक्सलियों से कैसी हमदर्दी”
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Good
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Thank you so much
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Thanks
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Nice
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Nyc
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good effort to portray the ituation
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