शैतान की नानी,
बन्दर-सी शैतानी,
जादू की पुड़िया,
सोने की गुड़िया,
परियों सी रवानी,
प्रेम की निशानी,
बालों को नोचे,
कान को खींचे,
शरारतें उसकी मन को भाएं,
थकान का आलस पल मे उड़जाए,
बेटी मेरी कलेजे का टुकड़ा,
दिल में बसा है अब उसका मुखड़ा,
आंगन की मेरे वो है शोभा,
परिवार की मेरे शान बढ़ाये।
नन्ही सी बिटिया
Comments
13 responses to “नन्ही सी बिटिया”
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वात्सल्य रस से सुसज्जित बहुत सुंदर रचना।
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बहुत बहुत धन्यवाद मैडम जी
🙏🙏 -
बहुत ही सुंदर, वात्सल्य की सुंदर छटा
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बहुत बहुत आभार
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Sunder
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बहुत बहुत धन्यवाद
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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बहुत बहुत धन्यवाद 🙏
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बहुत सुंदर रचना मोहन जी
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बहुत बहुत धन्यवाद
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मोहन भाई फ़ैन हो गया आपका
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बहुत बहुत धन्यवाद 🙏!भाई साहब मैं भी कायल हूं आपकी शायरी का
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बहुत ही बेहतरीन
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