नन्ही सी बिटिया

शैतान की नानी,
बन्दर-सी शैतानी,
जादू की पुड़िया,
सोने की गुड़िया,
परियों सी रवानी,
प्रेम की निशानी,
बालों को नोचे,
कान को खींचे,
शरारतें उसकी मन को भाएं,
थकान का आलस पल मे उड़जाए,
बेटी मेरी कलेजे का टुकड़ा,
दिल में बसा है अब उसका मुखड़ा,
आंगन की मेरे वो है शोभा,
परिवार की मेरे शान बढ़ाये।

Comments

13 responses to “नन्ही सी बिटिया”

  1. Geeta kumari

    वात्सल्य रस से सुसज्जित बहुत सुंदर रचना।

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत बहुत धन्यवाद मैडम जी
    🙏🙏

  3. बहुत ही सुंदर, वात्सल्य की सुंदर छटा

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद

  4. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  5. Vasundra singh Avatar

    बहुत सुंदर रचना मोहन जी

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद

  6. मोहन भाई फ़ैन हो गया आपका

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏!भाई साहब मैं भी कायल हूं आपकी शायरी का

  7. Pratima chaudhary

    बहुत ही बेहतरीन

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