नया साल

ग़ज़ल
कुछ एेसा नया साल हो।
अपने आप मे बेमिशाल हो।
महगी थी यह वर्ष बीत गई,
कुछ सस्ता नया साल हो।
कुछ तो यादें रहेंगें नये नये,
कुछ सपनों का उडता गुलाल हो।
नई गीत हो ,नया ग़ज़ल हो,
नये सरगम पे नया ताल हो।
रंगीन – ए- महपिल में योगेन्द्र,
कुछ उम्मिदों का नया साल हो
योगेन्द्र कुमार निषाद
घरघोड़ा (छ़ग़)

Comments

11 responses to “नया साल”

  1. Ritu Soni Avatar
    Ritu Soni

    nice gazal

      1. Milin Avatar

        Very nice 1st of gajal

  2. Dalend Avatar

    bahu achha gajal h bhaiya

    1. Yogi Nishad Avatar

      धन्यवाद उमेश जी

  3. Yogi Nishad Avatar

    धन्यवाद , आप सभी को मेरे रचना ” नया साल “को वोट करने के लिये ।

  4. Abhishek kumar

    Wow

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