नहीं है ,अब हम मजबूर
किसान है,भारत की शान है
खेत – खलियान की है,जान
मेहनत में है ,उनकी
अलग पहचान
देश को विकसित बनाने में है
उनका सबसे बड़ा योगदान
देश की अभिमान
भारत की है,अलग पहचान
किसान है ,भारत की वीर पहचान।
धन्यवाद – काजल साह – स्वरचित
किसान है,भारत की शान है
खेत – खलियान की है,जान
मेहनत में है ,उनकी
अलग पहचान
देश को विकसित बनाने में है
उनका सबसे बड़ा योगदान
देश की अभिमान
भारत की है,अलग पहचान
किसान है ,भारत की वीर पहचान।
धन्यवाद – काजल साह – स्वरचित
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किसानों पर लिखी गई बहुत सुंदर रचना
किसान है,भारत की शान है
खेत – खलियान की है,जान
मेहनत में है ,उनकी
अलग पहचान
बहुत सुन्दर, अति उत्तम कविता।
बहुत खूब