नादान लड़की

तू क्यों नहीं समझती मेरे दिल के जज्बातों को…
क्या तेरे सीने में दिल नहीं…?
पत्थर है शायद !
दिल होता, तो धड़कता जरूर |

मैं वर्षों से एकटक लगाये तुझे देख रहा हूं,
और तुझे तेरी खूबसूरती का अंदाजा तक नहीं |
एक तू नादान, जो मुझे समझती नहीं ।
उस पर मेरी जवानी, जो थमती नहीं …
नादान लड़की… तेरे सीने में शायद दिल नहीं |

Comments

3 responses to “नादान लड़की”

  1. प्रेम को प्रकट करती हुई सुंदर रचना

  2. Geeta kumari

    सुन्दर भावाभिव्यक्ति

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