नाम

नाम पहचान को तांक में रखकर,
धर्म कर्म सदैव करते रहना यारों।
अजर अमर के ढोंग को त्याग कर,
मरकर ख्वाहिश फूलों का ना करो।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

5 responses to “नाम”

  1. Anita Sharma

    Sahi👌

  2. वर्तनी अशुद्ध है परंतु भाव पूर्ण रचना

  3. Satish Pandey

    👏👏

  4. सुंदर पंक्तियां

Leave a Reply

New Report

Close