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  1. काटे जग बैरी तो
    रोना नहीं वे रोना नहीं।
    ,______इस दुनियाँ के नकारात्मक दृष्टिकोण से परेशान ना होने की सुन्दर सलाह देती हुई, सकारात्मकता की ओर प्रेरित करती हुई बहुत सुंदर रचना। उम्दा प्रस्तुति

  2. इस कविता में कवि हृदय में कोई तीक्ष्ण हूक उठती दिखाई दी है। एक अनाम सा संदेश, न रोने का सन्देश देती, सकारात्मक दिशा को प्रेरित करती कवि की सुन्दर रचना है यह।

  3. नैना मूंद मूंद जा
    सोना नहीं वे सोना नहीं
    काटे जग बैरी तो
    रोना नहीं वे रोना नहीं
    किस जहाँ में
    ले आ गयी है हवाएँ
    इस जहाँ में
    होते हैं अपने पराये
    मतलब की भिड़ है..
    जीवन की परेशानियों से हताश ना होकर आगे बढते जाने को प्रेरित करती हुई कविता

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