शस्त्र उठा लो अब सीते,
श्री राम नहीं आएंगे
करनी होगी खुद अपनी रक्षा,
श्री रघुनाथ नहीं आएंगे
शस्त्र उठा लो हे द्रौपदी,
श्री श्याम नहीं आएंगे
सभा में अपने भी,अपने ना रहे
बिगुल बजा, कर शंख-नाद,
श्री श्याम नहीं आएंगे
झांसी की रानी सम बन जा,
तीर, तलवार उठा ले अपने
लड़ना होगा तुझे अकेले,
मोती भाई, रघुनाथ सिंह दीवान नहीं आएंगे
पर फ़ैला ले भारती,
उड़ जा ऊंची उड़ान
बन जा क्षितिजा तू,
ये कलियुग है, मेरी जान
तुझे संभालने अब कोई,
भगवान नहीं आएंगे…
*****✍️गीता
*भारती का अर्थ है — भारतीय नारी
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