पल दो पल

कर ले ख्वाईश पुरी जो आज तुम्हारे दिल में है।
क्या पता कल मैं रहूं या न रहूं ए किसने देखा है।।

Comments

10 responses to “पल दो पल”

  1. Vasundra singh Avatar

    जो है आज है, अब है
    कल की किसे ‘खब र’ है

  2. आज में जीने की सोंच सराहनीय है..
    हर पल यहां जी भर जियो
    जो है समां कल हो ना हो

  3. बहुत अच्छा

  4. सकारात्मक विचार

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