पहचान

महानता व्यक्तित्व मे नहीं,
शब्दों में होती है l
पहचान लिवास से नहीं,
आत्मा से होती है l
बल शारीरिक शक्ति में नहीं,
आत्म बल में होती है l
वीरता प्रवंचना से जीती विजय में नहीं,
युद्ध नीति के पालन में होती है l
श्रेष्ठता किसी को झुकाने में नहीं है,
बल्कि झुके को अँकवार में होती है l
मर्दानगी नारी की बर्बरता में नहीं,
बल्कि नारी की सम्मान में होती है
वीरता असहायों को कुचलने में नहीं,
बल्कि साथ खड़े होकर सहायता में होती है l
उच्च शिक्षा से कोई ज्ञानी नहीं,
ज्ञानी उच्च विचार से होता है l
अपना कहने से कोई अपना नहीं होता,
जब तक स्वार्थ को ताक में रखा नहीं जाता l
डर कमजोरी की पहचान नहीं ,
बल्कि सतर्कता की पहली सीढ़ी होती l
मन के आभा में तराश ले खुदको,
कौन सा चेहरा तेरा नकाब के पीछे है?
कौन सा चेहरा तेरा नकाब के पीछे है?

                             
                               Rajiv Mahali

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