6 Comments

  1. कवि सतीश जी की इस श्रेष्ठ रचना का किरदार कुछ पशोपेश में है ,लेकिन फिर भी भावनाएं सुंदर होने के कारण अपनी कमियों को भी महसूस करता है । अति भाव पूर्ण एवम् उत्तम रचना .

    1. कविता के भाव का विश्लेषण करती इस सुंदर टिप्पणी हेतु बहुत बहुत धन्यवाद गीता जी, बहुत बहुत आभार।

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