3 Comments

  1. इंसान को धिक्कारती हुई बेहद सराहनीय रचना है जो मानव को मानवा गुण जगाने के लिए प्रेरित करती है और समाज को सुधारती एवं जगाती हुई प्रतीत हो रही है

Leave a Reply