पोछ ले अश्क सबके

दर्द जीवन में है जो
रख सरोकार उससे,
किसी को ठेस मत दे
कर ले प्यार सबसे।
पोछ ले अश्क सबके
कष्ट मत दे किसी को,
भाव समभाव के रख
कद्र दे दे सभी को।
खुद भी प्रसन्न रह ले
औऱ को भी खुशी दे,
उदासी में घिरे के
चेहरे में हँसी दे।
मस्त रह, दूसरे से
आस मत रख जरा भी,
खुद में खुद खोज खुशियां,
और को भी खुशी दे।
—— सतीश चन्द्र पाण्डेय

Comments

13 responses to “पोछ ले अश्क सबके”

    1. Satish Pandey

      Thank you

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत आभार

  2. Geeta kumari

    जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण दर्शाती हुई कवि सतीश जी की बहुत सुंदर और प्रेरक रचना

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

    2. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद, आभार

  3. बहुत ही सुन्दर

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

  4. अतीव सुंदर भाव

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

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