प्यारी माँ

जब मैं छोटी बच्ची थी
माँ की प्यारी दुलारी थी
माँ तो हमको दूध पिलाती,
माँ भी कितनी भोली – भाली ।

माखन – मिश्री घोल खिलती
बड़े मजे से गोद में सुलाती,
माँ तो कितनी अच्छी है
सारी दुनिया उसमें है ।

– Rajat

Comments

2 responses to “प्यारी माँ”

Leave a Reply

New Report

Close