अमन की कुछ बात

दरिया में बहा दो रंजिश सब
अब अमन की कुछ बात हो जाये
मेरे देश में खुशहाली हो
बस इत्मिनान से मुलाकात हो जाये
एक अनोखी ख्वाहिश सी
सजी जमीन है फ़ुर्सत से
अब माटी के पहलू से
कुछ नई फ़सल-सौगात हो जाये
जब सारे अरमान देख लिये
क्यों अपने प्यारे खफ़ा हुए
आज मिली आज़ादी में
फ़िर ईद-मिलन दस्तूर हो जाये
मैं सब्र में आज डूबा हूँ
कुछ दूर चलके रोया हूँ
वजूद को अपने ढूँढू हर दम
मैं फ़िर कहीं जाके खोया हूँ

रेत के घरोंदो को छोड़ो
अब टूटे सपनों को खोजो
मेरे साथ चलो,नई आवाज़ लिये
आज फिर एक ख्वाब एक उम्मीद हो जाये..

– Rajat

Comments

7 responses to “अमन की कुछ बात”

  1. Kanchan Dwivedi

    Nice

  2. Satish Pandey

    Good

  3. Abhishek kumar

    👌👌

  4. Satish Pandey

    क्या बात है

  5. Satish Pandey

    बहुत खूब

  6. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बेहतरीन

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