प्रातः की सुंदर बेला में
सबसे पहले ईश्वर को
धन्यवाद करना है जिसने
नया सवेरा दिखलाया ।
फिर माता व पिता के चरणों
को छूकर प्रणाम करें,
जिन्होंने जीवन देकर के
यह संसार हमें दिखलाया ।
फिर गुरुजन को नमन करें
जिन्होंने ने अज्ञान तिमिर को
दूर किया है, आंखें खोली
उन्नति का पथ दिखलाया।
प्रातः की सुंदर बेला में
सबसे पहले ईश्वर को
धन्यवाद करना है जिसने
नया सवेरा दिखलाया ।
प्रातः की सुंदर बेला में
Comments
10 responses to “प्रातः की सुंदर बेला में”
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Sunder soch
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सादर धन्यवाद जी
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सुन्दर
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सादर धन्यवाद जी
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सुन्दर प्रस्तुति
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सुन्दर टिप्पणी हेतु आपका हार्दिक आभार
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सुंदर विचार
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आपको बहुत बहुत धन्यवाद जी
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बहुत ही सुन्दर
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धन्यवाद जी
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