फरमाइश

मांगे जब भी तब उस बेटी की हर हरमाइश् पूरी हो,
ऐ खुदा काबिल बना दे, हर बाप को इतना के उसकी कभी जेब ना ढीली हो,
उठा दे उन्गली बेटी जिस तरफ ज़माने में,
हो पूरी हर ख्वाइश उसकीपर कभी बाप की नज़र ना नीची हो॥
Raahi (अंजाना)

Comments

6 responses to “फरमाइश”

  1. Pragya Shukla

    वाह क्या बात है

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