फिर आ जाओ मेरे पास

फिर से आ जाओ मेरे पास
मेरी हर धड़कन तेरी राह तकती है
सुन्न पड़ गया है दिमाग़
बस इसमें सोच तेरी ही बसती है
कानो मे जाने के बाद तेरे
हंसी तेरी ही गूंजती है.
आँख बंद करता हूँ जब भी
क्षतिज के छोर पर, मुझे तू ही दिखती है.

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