फुर्सत

एक सुबह चाय ने मुझ से कहा
फुर्सत हो तो क्यों नहीं बैठ जाते।
तुम्हारे मन मस्तिष्क को हम
अंदरुनी ताजगी से भर देते।।

Comments

3 responses to “फुर्सत”

  1. चाय पर बहुत सुन्दर पंक्तियाँ

    1. Praduman Amit

      समीक्षा के लिए धन्यवाद गीता जी।

  2. सुन्दर भाव 

Leave a Reply

New Report

Close