फूला पलाश

झूमते पात
फागुनी बयार में
झूमते गात

वासंती तानी
खेतों पर चादर
फूली सरसों

दहके वन
केसरिया वितान
फूला पलाश

महके वन
महुआ से, अंबुआ
से उपवन

प्रीत के रंग
भीगी गूजरिया रे
पिया के संग

१८.०३.२०२१

Comments

4 responses to “फूला पलाश”

  1. Geeta kumari

    दहके वन
    केसरिया वितान
    फूला पलाश
    महके वन
    _____ पलाश के फूलों के सौंदर्य का वर्णन करते हुए कवि अनु जी की बहुत सुंदर रचना

  2. बहुत सुंदर कविता

  3. पुष्पों से
    अत्यधिक प्रेम होने के कारण मुझे यह कविता
    बहुत पसंद आई।।
    ___ सुन्दर पलाश के फूल मन को लुभाते हैं
    पलाश के फूलों का बहुत ही खूबसूरत वर्णन किया है आपने।।

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