फूल बन जाना है

ठकराये गर कोई
तो पत्थर बन जाना है,
ताकि नुकसान न कर पाये,
सम्मान दे कोई तो
फूल बन जाना है
जो प्रेम की सुगंध लुटाये।
प्रेम के बदले
प्रेम होना ही चाहिए
नफरत की राहों से
किनारा होना ही चाहिए।
प्रेम का बीज
बोना ही चाहिए।
भूख लगने पर बच्चे को
रोना ही चाहिए।
गलत का साथ
छोड़ना ही चाहिए।
अच्छे से रिश्ता
जोड़ना ही चाहिए।
टेबल फैन को
अपनी ओर मोड़ना ही चाहिए
खुद का पसीना खुद में
सोखना ही चाहिए,
कोई गलत दिशा में हो तो
उसे रोकना ही चाहिए।

Comments

6 responses to “फूल बन जाना है”

  1. Amita Gupta

    गलत का साथ छोड़ना ही चाहिए,
    अच्छे से रिश्ता जोड़ना ही चाहिए।
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

  2. बहुत ही काबिलेतारीफ रचना

  3. बहुत लाजवाब कविता

  4. Ekta Gupta

    कोई गलत दिशा में हो तो उसे रोकना ही चाहिए
    सुंदर अभिव्यक्ति

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