बस खुश रहो

मेरी दुआ है तुम
आबाद रहो
खुश रहो, चाहे जहाँ रहो।
मेरी हर आरज़ू में तुम हो
जहाँ रहो बस खुश रहो।

Comments

4 responses to “बस खुश रहो”

  1. राकेश पाठक

    Wow

    1. Pragya

      धन्यवाद

    1. धन्यवाद 

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