बहुत दिनों बाद

बहुत दिनों बाद सावन के द्वार आया
पहले की तरह इसको अपना ही पाया
सभी कवि लोगों को नमस्कार है
सावन की आयी जो बहार है

Comments

One response to “बहुत दिनों बाद”

Leave a Reply

New Report

Close