बात

बड़ी बड़ी बाते से हौसला मिलता,
चींटी के कहर से हाथी मरता ।
ईर्ष्या बड़े बड़े को नाश करता,
छोटे बनने से बहुत कुछ मिलता।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

6 responses to “बात”

  1. Anita Sharma

    👍

  2. बड़ी-बड़ी, बड़े-बड़े का नाश करती।
    भावपक्ष प्रधान होने के कारण उत्तम

  3. Satish Pandey

    बहुत खूब

  4. पुनरुक्ति अलंकार

  5. बहुत ही उम्दा पंक्तियां

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