बादल

जो बादल‌ गरजे सो बरसे नहीं,
विष का प्याला पीकर तरसे नहीं।
जीवन में बहुत कुछ आता जाता रहेगा,
अनुभव को अपने ब्यर्थ समझे नहीं।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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