बाल – दिवस संग आई दीवाली

जगमग करती आई दीवाली,
बच्चों के मन भाई दीवाली
बच्चे सब खुशियों से चहके,
पकवानों से घर भी महके
बाल-दिवस संग दीवाली है,
बच्चों के मुख पर लाली है
चौदह नवंबर, बाल-दिवस है,
नेहरू जी का जन्म-दिवस है
बच्चों का मन कितना ख़ुश है
नेहरू जी को प्यार से ” चाचा” कहकर,
बच्चों ने उनका सम्मान किया
बच्चे देश का मुस्तकबिल हैं
उन्हें प्यार से पाला जाए,
ये नेहरू जी ने संदेश दिया..
दीप जलाओ, दीप जलाओ
बच्चों, खील बताशे खाओ
लड्डू, पेडे रसमलाई
मां ने देखो खीर बनाई
बच्चों से ही रौनक घर की,
बच्चों से खुशहाली छाई।

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “बाल – दिवस संग आई दीवाली”

  1. दीवाली की रौनक पर सुन्दर प्रस्तुति। बहुत लाजवाब

    1. बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी

  2. वाह एक पंथ दो काज अति सुंदर रचना

    1. बहुत बहुत धन्यवाद ऋषि जी

  3. दीवाली एवं बाल दिवस पर सुंदर कविता

    1. Geeta kumari

      बहुत सारा धन्यवाद प्रज्ञा

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