बा-अदब बे-हिसाब हूँ पीता

बा-अदब बे-हिसाब हूँ पीता

फिर पूछते हो क्यों हूँ पीता

नशा तेरे इश्क का है इतना सख्त

तोड़ने को उसका सरुर मैं हूँ पीता

                         …….. यूई

Comments

2 responses to “बा-अदब बे-हिसाब हूँ पीता”

Leave a Reply

New Report

Close