Panna.....Ek Khayal...Pathraya Sa!

3 Comments

  1. लेकिन अब रूठ गयी कलम मुझसे
    नष्ट हो गए सारे शर
    रिक्त हो गया मेरा तूणीर
    विलीन हो गया रचित इन्द्रजाल …………………Nice Dear Panna

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