दिल की अठखेलियां और अंगड़ाइयाँ
धीमे-धीमे बढ़ती जा रही हैं
उम्र चांदनी की तरह घटती जा रही है
तुम्हें होश है कि नहीं
अब सितम करना बंद कर
बेखयाली में भी खयाल आता है तेरा
तू दिल से खेलना बंद कर।
बेखयाली
Comments
13 responses to “बेखयाली”
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Good
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Thnx
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वाह बहुत सुंदर
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धन्यवाद
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Good
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Thx
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😋😋😋
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🙏
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💘💘💘👌👌👌
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🙏
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ह्रदयस्पर्शी
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🙏
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Good
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