बेपनाह

दिल टूट जाने के बाद भी
प्यार है तुमसे
ऐसा क्यों है नहीं जानती हूँ मैं
बस इतना ही मालूम है मुझे
कि आज भी बेपनाह तुझे चाहती हूँ मैं…

Comments

5 responses to “बेपनाह”

  1. Praduman Amit

    यह रोग ही कुछ ऐसी है।

  2. क्या बात है

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